भारत कब से आजाद हो गया लेकिन आज भी वही नीति 

….आजादी के पहले से चली आ रही नीतियो मे बदलाव करना चाहिए….आजादी के पहले भारत पर अंग्रेज राज करते थे और उनकी एकमात्र नीति थी …..भारतीय  संस्क्रति और सभ्यता को नष्ट करके प्राश्चात्य संस्क्रति की भारत मे स्थापना करके भारत  से पैसा कमाकर विदेश  ले जाना….


         भारत देश सन् १९४७ मे  अंग्रेजो के शासन से तो मुक्त हो गया , पर आज तक उनकी बनाई नीतियो पर ही चल रहा है…..अधिकाश जगह तो  उन नीतियो का पालन करने के कारण देश नैतिक एवम् आर्थिक पतन की और जा रहा है…….भारत मे नशे की खेती होती थी…..अफीम , गॉजा…..अंग्रेजो ने भारतीय जनता की नशे की खेती को  सरकारी नियम बनाकर अपने कब्जे मे कर ली और भारतीयो को एक नये तरह के नशे शराब का आदि बनाया……इसके लिए अंग्रेजो ने सबसे पहला शराब दुकान  खोलने का लायसेंस कलकत्ता  मे दिया…..अफीम एक आर्युवैदिक औषधी है … अफीम अनेक बीमारियो मे कारगर दवा के रूप मे प्रयोग होती है……..अफीम की खेती को भारत मे प्रतिबंधित कर दिया और  शराब को चलन मे ला दिया……….यहॉ समझे चाल को………अफीम दवा है और नशे का भी काम करती है……शराब जहर है और और नशे का भी काम करती है………..जिन भारतीयो को नशे की लत है ,  उस लत की पूर्ति करने के लिए सरकार  शराब का उत्पादन करवा रही है ……अगर भारत सरकार पूरे भारत वर्ष मे  गॉजे एवम् अफीम की खेती को प्रोत्साहित करते हुए शराब के उत्पादन को कम करने मे ध्यान देवे तो भारत का किसान सक्षम हो सकता है….. शराब पर भारत मे प्रतिबंध लगना चाहिए और शराब की लत वाले व्यक्तियो के मासिक परमिट बना कर उनको अफीम एवम् गॉजा उपलब्ध कराना चाहिए सरकार ने……किसान हित मे सरकार का यह सबसे बडा कदम होगा…..सरकार विचार करे…….

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