Dasera Ka Tatparya! दशहरा का तात्पर्य 

दशहरा का तात्पर्य, सदा सत्य की जीत

गढ़ टूटेगा झूठ का करें सत्य से प्रीत
सच्चाई की राह पर लाख बिछे हों शूल
बिना रुके चलते रहें शूल बनेंगे फूल॥