Dost Sayari ! दोस्ती शायरी 

​”चाहत किसी की गुलाम नहीं होती,

मोहब्बत कभी सरे-आम नहीं होती,

कैसे भूल जाए आपकी यादों को…,

क्योकि हमारी दोस्ती की “सरवर” कभी जाम नहीं होती.”

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