Mandsaur Firing – किसानों पर चली एक गोली – करोड़ो लोगो ने की घोर निंदा । मृतको को श्रद्धांजलि । लानत है सरकार पर।

Kisano par hui firing me 5 kisan ki maut ho gai aaj poore desh ke kisan is bat se had se jayda naraz he ander se dil dukh gaya aaj sarkar ke is kadam se, ghin hoti he ese netao se or sarkar se jo nihathhe logo ko goli mar di – Mene yaha par kuchh facebook or whatsapp se log ke reactions view collect kiya he jo me dal raha hu –

  1. अन्दाता पर गोली चली है ? पूरा भारत भूख से जल से थल से गगन से मिट जायेगा? – Ek Kisan
  2. किसानो की अपना पैदा किया हुआ अन्न, उसकी खुद की जमीन तो उसकी mandsaru farmer killingरह नही गयी और अब किसानो की जान भी खुद की नहीं रह गयी है! बड़ी ही निंदनीय घटना है, हम किस जनतंत्र की बात करते है जिसमे एक किसान खुद अपने कमाई के उचित दाम लिए भीख मग रहा है और बदले मे उसे गोलिया मिल रही है….माननीय सीएम साहब Shivraj Singh Chouhan ji जरा सोचिए किसान के हित मे निर्धारित नीतिया केवल चुनाव घोषणा पत्र तक ही सीमित ना रह जाये….
  3. भाजपा सरकार सिर्फ किसानो की वोट से बनी है?
    जिस थाली में खाया उसी में छेद?
  4. यदि सरकार को पैसा किसानो के शहिद होने पर या फांसी लेने पर देते है यदि सभी किसान कर्ज के बोझ के तले,फसल का सही मुल्य नही मिलने से किसान आदोंलन कर रहा है तो इसमे भी आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं यदि इसी प्रकार आरोप प्रत्यारोप करना हे तो पुरे प्रदेश के किसानो पर गोली ंचला दिजये और बाद मे किसानों की मोत पर सभी को 10 लाख रुपये नामक मरहम लगा देना जिससे आपकी राजनिती की रोटी जरुर पक्क जायेगी इस पोस्ट को इतना सेयर करो की 125करोड लोगों के पास पहुच जाये जय किसान जय अन्नदाता जय भुखे प्यासा रहकर देश के लिये कमाने वाले की जय राजाभोज.
  5. दो पल मे किसानो को मार दी गोली उन हुक्मरानो ने ..
    जिन्हे सालो लग गये थे अफ्जल को दोषी ठहराने में।।
    😥😥😥😥
    सालो ने गोली मार दी।। कश्मीर के पत्थरबाज तुम्हारी माँ के यार हे क्या
  6. ये सभी अपनी औकात भूल गए पाकिस्तान वालों को मारने के लिए परमिशन नही मिली और किसान को मारने के लिए तुमहारे बाप ने परमिशन दी थी क्या
  7. Sehore se Rajesh Sharam likhate he  –
    किसानों धरतीपुत्र हो लड़ जाओ अार-पार की लड़ाई,राजनीति मुझे आती नहीं,मैं बचपन से ही इससे घबराता हूँ।
    मेरा जिस्म गोली खाने के लिए बेताब है।
    बंदूक वालों से कहना तैयारी रखें आ रहा है हमारा बच्चा!
    हम बताएंगे आजादी दर-असल होती है क्या ?
    चाटुकारों से घिरा शिवराज, ये कैसा राज ,
    प्रजातंत्र या कन्वर्टेड राजतंत्र ? बहुत दे दिया अवसर जनता ने __तुम हो गए बेलगाम और चापलूसों के गुलाम, मैं सत्ता का स्थाई विपक्ष हूँ ___बोलूंगा__मूंह खोलूंगा__ये मेरा धर्म-कर्तव्य है इसे नहीं छौड़ूगा
    मार दो किसानों को ___क्या जीवित रह पाओगे ज़नाब ? रहे तो भी “मामा” नहीं “मरे” से कहलाओगे – – – सत्ता तुम्हारी शून्य हो जाएगी ——मंजूर हो __तो चलते रहो __जैसे चल रहे हो साहब____राजेश
  8. छाती ठाेक कर वादा करने वालाे ने छाती पर ही गाेली चलवा दि साहब किया हाेगा अब देशका – Arun Parmar Ashta se
  9. अभी-अभी मैंने सुना है कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में शांतिपूर्वक प्रर्दशन कर रहे किसानों को गोलियां चलाकर मारा गया है… मैं इस घटना को सुनकर सदमें में हूं… क्योंकि सभी को पता है कि किसान इस देश का पेट भर रहे है ओर किसान के बेटे सीमा पर इस देश की रक्षा कर रहे है तो कुछ इस देश के अंदर पुलिस प्रशासन जैसे विभागों में पदासीन होकर भी इस देश की रक्षा कर रहे है… जो किसान के बेटे सीमा पर है वो इस देश के खातिर अपनी ज्यान देकर भी “लायक” नहीं बन पाते… मगर जो किसान के बेटे पुलिस विभाग में है वो अपने बाप (किसान) पर भी गोली चलाकर “नालायक” बन जाते है, कहने को तो उनको अपने हुक्मरानों से ऐसे गंदे आदेश मिलते होगें…मगर समझ तो होनी चाहिए के ये आदेश है या फिर अपने बाप की हत्या… खैर… बदल तो सब कुछ रहा ही है मगर मैं सुन रहा हूं कि मेरा देश बदल रहा है…!
    अब गर बात करें असली हत्यारों कि या कहूं इस देश के हुकुमरानों कि तो… बात सांमती-काल की करें तो किसानों पर शोषण था, बात अंग्रेजी जमाने की करें तो किसानों पर शोषण था, बात आज से हजार साल पहले की कर लो या फिर आज कि कर लो… किसानों पर शोषण पहले भी था ओर आज भी है…!
    ओर एक बात पिछले दिनों सुनने में आ रही थी कि इस देश का हुकुमरान यहां दस लाख तालाब बनवा रहा है… क्या जरूरत थी जनाब… डूब मरने के लिए तो चूल्लू भर पानी ही काफी होता है…!!!

    #शहीद_किसानों_को_कोटी_कोटी_नमन

    जय हिन्द
    जय जवान जय किसान
    कुम्भाराम जाखड़
    सातलेरा
    10.

    गोली मारने की क्या जरूरत थी..

    किसान तो पहले ही मरा हुआ है…
    #blackday😢😢😢

    11. मंदसौर में आंदोलनरत किसानों पर चली गोली, 5 किसानों की मौत ।
    -आर्डर देने का काम , चुनाव में जीते जनप्रतिनिधि का
    -आर्डर लेने और उसे अमल में लाने का काम किसी “प्रतिभाशाली” छात्र का जो कभी UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर पुलिस महकमे का आला अफसर बना होगा/होगी । चिंता न करें, उसकी गलती नहीं है, वह तो “ईमानदारी” से बस अपने आकाओं की ड्यूटी बजा रहा/रही है उस राज्य की सेवा में जिसने उसे जनांदोलनों को कुचलने, मज़दूर किसान पर लाठी गोली चलवाने और लूट पर टिकी इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए चुना है ।
    आप क्या सोच रहे थे, उसकी प्रतिभा का “देशसेवा” हेतु इस्तेमाल करने के लिए परीक्षा ली गई थी, क्या वह “जनकल्याण” के लिए घिस घिसकर रट्टू तोते की तरह प्रतियोगिता गाइड्स चाट रहा था ? अरे भैया, गलतफहमी से बाहर निकलो, वह तो “बेचारा” राज्य के “सुपारी किलर” का काम करने हेतु परीक्षा में चयनित हुआ था, जिसके एवज में उसे जनता के खून पसीने को चूसकर निचोड़े गए पैसे, रुतबे, सम्मान, पोजीशन और परजीवी सुख सुविधाओं से राज्य द्वारा नवाजा गया था ।
    अब राज्य का वह सुपारी किलर , निजी जीवन में कितना ईमानदार या कितना घूसखोर रहा हो , इससे क्या फर्क पड़ता है ? उसका काम था आर्डर बजाना, किसानों पर गोली चलाना जो इसने चला दिया ।

    12. कितने दुख की बात है कि आज मध्यप्रदेश में आंदोलनरत किसानों पर गोली चला कर पांच किसानों को मौत के घाट उतार दिया गया है. किसानों की जान की कीमत भी साथ साथ लगा दी गई. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की घोषणा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है.
    दोषी कौन है यह बताइए बगैर ही मुआवजा दे दिया तो इसका मतलब सरकार दोषी है तो मुख्यमंत्री पर हत्या का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हो रहा????
    अगर सरकार दोषी नहीं है तो मुआवजा किस बात का दे रहे हैं???

    13. आज मंदसौर में मामा जी की तानाशाही सरकार ने अपना तानाशाही रवैय्या अपनाया और प्रदर्शन कर रहे किसानों के सीने पर गोली चला दी सुचना मिली है कि 2 किसानों की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए है शर्म करो शवराज सरकार आप भी एक किसान पुत्र हे (आपके कहे अनुसार ) आप कहते हे में अन्नयदाताओ का सम्मान करता हु यह केसा सम्मान हुआ किसान अपना हक मांग रहे हे और आपका प्रशाशन हम पर गोलियां चला रहां हे यह केसा सम्मान हे ।
    में गजराज परमार एक किसान सरकार और प्रशाशन के इस जघन्य अपराध की घोर निंदा करता हु और साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करता हु की ईश्वर उन किसानों की आत्मा को शांति प्रदान करे और गूंगी बहरी निर्लज्ज सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करे।

    14. firing on farmers

    ये मृत्यु नही बलिदान है ये महासमर की शुरुआत है
    अब संघर्ष होगा
    जुल्म की गोद में पली बड़ी सरकारो से
    और अंत भी होगा उस निर्मम खलनायक का
    जिसके बाजुओ में हथियार तो है
    पर चेहरे पर कायरता पुती हुई है
    ये हल ,बैल ,हसिया , पसीना ,धुप
    मिटटी ,पेड़, पगडंडियां सब आएंगे इस
    महासमर में तुमसे लड़ने तुम्हे हराने
    तुम्हे मारने …
    तुम्हारा अंत सुनिश्चित है मामा।।

  10.  

    जो धरापुत्र का वध कर दे,वह राजपुरुष नाकारा है,

    जिस पर किसान का रक्त गिरे उस का शासक हत्यारा है

  11. शाम को जब भूख लगे तो खाना खाते वक्त याद रखियेगा, उसी अन्न की कीमत माँगते किसानों ने गोलियां खाई हैं।
    A.R. Godara
    #KisanAndolan

  12. मत मारो गोलियो से मुझे मैं,
    पहले से एक दुखी इंसान हुँ,,
    मेरी मौत कि वजह यही हैं,
    कि मैं पेशे से एक किसान हुँ ।