Patang Ke Bahane Dil Ki Bat ! मकर संक्रांति 

​वो आये थे छत पर हमारे,

पतंग लूटने.

हमारी नजरे उनसे मिल गई,

हमने उनसे पुछा

“”सुनो, ‘यहा पतंग लूटने आये हो या दिल”………!!!!!
मकर सक्राति की हार्दिक हार्दिक शुभ-कामनाये 

पतंग का, तिल के लड्डूऔ का त्योहार मुबारक हो.

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