Patwari Ki Pariksha Kavita Poem –

*—पटवारी की परीक्षा—*

पटवारी की परीक्षा,भई जी को जंजाल,
बहुयें मायके भग गईं ,छोड़ छाड़ ससुराल..

छोड़ छाड़ ससुराल,सास को आफत भारी,
सब बहुयें कर रही ,परीक्षा की तैयारी..

कहें घर के मुखिया,लगी सबको बीमारी,
रोटी कौन बनाय, बहू बन रई पटवारी..

सपने में भी दिख रही, पटवारी की पोस्ट,
सब तैयारी कर रहे , मंगा मंगा के नोट..

मंगा मंगा के नोट, किताबें पूरी छानी,
भूल गये हैं सभी, आजकल भोजन पानी..

कहें घर के मुखिया, रहे दिन भर सर भारी,
एक बार बस प्रभू, बना दो तुम पटवारी..

सास किचिन में घुसी है, बना रही है चाय,
बहू किताबों को पड़े ,खोल खोल अध्याय..

खोल खोल अध्याय, सास को आफत भारी,
भोजन रही बनाय, बहू बन रही पटवारी..

कहते परिवार के सब लोग, बहू केवल बस पड़ती,
सास से गलती होय, नहीं वो बिल्कुल लड़ती..

कहें घर के मुखिया, परिक्षा पड़ रही भारी,
प्रभू से बस यहीं प्रार्थना, बहू को बना दो पटवारी..
😀😀😀😀😀😀😀😀😀

मध्‍यप्रदेश पटवारी परीक्षा… 2017 बेरोजगार महाकुम्‍भ प्रथम शाही स्‍नान तिथि
दिनांक 09/12/2017 प्रातः 09 बजे से

Patwari Funny Video Sunny Deol

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